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राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) कि स्थापना एवं कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) युवाओं के हित में

छात्रशक्ति डेस्क

नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि भारत सरकार द्वारा ग्रुप-बी तथा ग्रुप-सी की सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए एक समान परीक्षा कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट कराने तथा इसके लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एन आर ए) के गठन का  अभाविप स्वागत करती है। अभी तक भारत में अलग अलग नौकरियों के लिए छात्रों को अलग-अलग परीक्षाओं में बैठना पड़ता था, जिससे कि उन्हें धन और समय दोनों का नुकसान होता था। दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभागी, आर्थिक रूप से कमजोर छात्र एवं दुर्गम क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को खासकर इससे समस्या होती थी क्योंकि उन्हें बार बार अलग अलग परीक्षाओं के लिए यात्रा करनी पड़ती थी। हर जिले में परीक्षा केंद्र बनाने एवं एक ही परीक्षा कराने के सरकार के इस निर्णय से खासकर इन सभी को राहत पहुँचेगी।

वर्ष में दो बार एक समान परीक्षा होने से छात्र आराम से परीक्षा की तैयारी कर पाएँगे तथा उनका समूचा समय फॉर्म भरने एवं परीक्षा देने में ही व्यतीत नहीं होगा। परीक्षा के अंकों की मान्यता तीन वर्ष तक करने का निर्णय भी स्वागत योग्य है, जिससे प्रतियोगी जो अन्य नौकरियों में हैं या पढ़ाई पूरी करके नौकरी में जाना चाहते हैं उन्हें सहूलियत होगी। इसके साथ ही सीईटी से अभी तक परीक्षा से परिणाम तक में जो समय लगता था उसमें भी कटौती होगी।

अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा, “नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी की स्थापना एवं इसके अधीन समान पात्रता परीक्षा कराने का निर्णय सरकारी नौकरियों की भर्ती में आवश्यक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहाँ इससे प्रतिभागियों को अपने जिले में ही परीक्षा देने, बार बार परीक्षा में बैठने से बचने, कम समय में तथा तीन साल तक मान्य परिणाम प्राप्त करने जैसी सहूलियत होंगी वहीं सरकार की भी हर विभाग के लिए अलग परीक्षा में व्यय होने वाले धन की बचत होगी। हालांकि अभी यह परीक्षा केवल तीन अलग अलग भर्ती बोर्डों SSC, RBS एवं IBPS की परीक्षाएं कराएगी, हम आशा करते हैं कि जल्द ही सरकार की सभी भर्ती एजेंसियाँ इसी परीक्षा से अपनी भर्ती करेंगी।”

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