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लेख

भविष्य द्रष्टा दीनदयाल उपाध्याय जी

दीनदयाल उपाध्याय जी आज अधिक प्रासंगिक हैं, दीनदयाल उपाध्याय जितने प्रासंगिक 50 साल पूर्व थे, उससे अधिक प्रासंगिक आज है। वे भविष्य द्रष्टा थे, आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे थे। जब अंग...

अमर बलिदानी शंकर शाह और रघुनाथ शाह

1857 की क्रान्ति रूपी हवनकुंड में यूँ तो अनगिनत लोगों ने अपने प्राणों की आहुतियां दी, लेकिन कुछ लोगों के बलिदान की तपिश ने सम्पूर्ण जन समूह में ‘स्व’ की भावना को गति प्रदान की। उनमें से एक थी पिता-पुत...

उदयपुर : मोहनलाल सुखाड़िया विवि में अभाविप की प्रचंड जीत, एनएसयूआई का सूपड़ा साफ

मेवाड़ की सबसे बड़ी और राजस्थान के शीर्ष विश्वविश्वविद्यालय में से एक मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को प्रचंड जीत मिली है वहीं सत्ताधारी दल कांग्रेस क...

पुण्यतिथि विशेष : अरूण जेटली की कहानी उनके साथी हेमंत विश्नोई की जुबानी

श्री अरूण जेटली का 66 वर्ष की आयु में निधन न केवल उनके परिवार की क्षति है बल्कि देश,समाज और भारतीय जनता पार्टी के साथ – साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की भी भारी क्षति है । उन्होंने स्कूली शि...

श्रद्धांजलि : संगठननिष्ठ अरूण जेटली

अरुण जेटली के सफल और सार्थक जीवन का संदेश क्या है? वह सुनने में अत्यंत सरल है। लेकिन उसमें जीवन जीने की कला है। ऐसा मंत्र है जो अरुण जेटली को जानने-समझने और उनसे प्रेरणा लेने में हमेशा सहायक होगा। वह...

…जब अटल जी ने कहा था ऐतिहासिक भूमिका पूरी कर रही है अभाविप

स्वर्ण जयंती उदघाटन समारोह, उदघाटन भाषण – श्री अटल बिहारी वाजपेयी,  प्रधानमंत्री, भारत सरकार 9 जुलाई 1998, मावलंकर सभागार, नई दिल्ली। आदरणीय प्रा. यशपाल जी, राज्यसभा में नवनिर्वाचित सदस्य के रूप...

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव

आज जब देश की स्वाधीनता को ७५ वर्ष हो रहे हैं तो इस अवसर पर देश का हर नागरिक उल्लासित है। हमारे देश ने तमाम व्यवधानों और संकटों को पार करते हुए इन ७५ वर्षों की यात्रा तय की है। यह यात्रा अपने आप में रो...

राष्ट्र गौरव का अमृत पर्व

कल (15 अगस्त)भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होंगे, स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के निमित्त समारंभ पहले ही शुरू हुए हैं, आगे वर्षभर भी चलते रहेंगे। जितना लंबा गुलामी का यह कालखंड था, उतना ही लंबा और...

स्वतंत्रता और विभाजन

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद हारने वाले ही नहीं, जीतने वाले देश भी इस युद्ध में अपनी क्षमता खो चुके थे और अपने देश को फिर से खड़ा करने की गंभीर चुनौती इन देशों के सामने थी। अंग्रेज समझ गये थे कि इसके चलत...

Paramvirs of KARGIL War

The year 1999 (May to July) saw India fight a Limited War with Pakistan in the Kargil region of Drass Sector. Popularly known as the Kargil War or Operation Vijay, it saw many young brave heart soldie...

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