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लेख

योग: कर्मसु कौशलम् : सनातन ने विश्व के कल्याण के लिये दिया योग

वसुधैव कुटुम्बकम् का भाव धारण करने वाला यह सनातन धर्म सदा से विश्व कल्याण हित कृतसंकल्पित रहा है। आयुर्वेद से लेकर योग तक प्राणी मात्र के कल्याण के लिये सदियों से अहर्निश सेवा दे रहे हैं। प्राचीन भारत...

Other Religion and Persuasion (ORP) एवं जनगणना

जनगणना वह प्रक्रिया है, जिसके तहत एक निश्चित समयांतराल (भारत में प्रत्येक दस वर्ष की अवधि में) पर किसी भी देश में निर्धारित सीमा में रहे लोगों की संख्या, उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन से संब...

अभाविप के शिल्पकार प्रा. यशवंत राव केलकर

वर्ष 1947 में हजारों वर्षों की गुलामी के पश्चात 15 अगस्त को हमें खंडित आजादी मिली। स्वाधीन होने के पश्चात भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं की ऊर्जा का नियोजन और भारत की आगामी दिशा तय करना था। स्व...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और डॉ भीमराव राम जी अम्बेडकर

भारत की पुण्यभूमि पर 14 अप्रैल 1891 महु मध्यप्रदेश में जन्मे भीमराव राम जी सामाजिक कुरूतियो से जूझते हुए वो भीमराव राम जी से डॉ भीम राव राम जी अम्बेडकर बने, मैं उनके लम्बे संघर्ष  पर चर्चा नही करूँगा...

मतांतरण का कुत्सित षड़यंत्र और लावण्या

तमिलनाडु में 10 जनवरी को लावण्या नामक एक स्कूली छात्रा ने जहरीला पदार्थ पी लिया जिसके कारण जिंदगी और मौत से जूझते हुए 19 जनवरी को उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। लावण्या तमिलनाडु के तंजावुर जिले के एक म...

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं भारतीय भाषाएं

विश्व में कहीं भी शिक्षा एवं शिक्षा नीति की जब भी बात होती है तब भाषा की चर्चा होना अनिवार्य है। भाषा के बिना औपचारिक शिक्षा संभव ही नहीं है। भारत में भाषा का विषय अधिक महत्वपूर्ण एवं जटिल है। स्वतंत्...

गणतंत्र दिवस का महत्त्व

भारतीय इतिहास में 26 जनवरी का महत्त्व केवल इसलिए नहीं है कि यह हमारे तीन राष्ट्रीय पर्वों में से एक है, या केवल इस कारण भी नहीं कि इसी दिन भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया। इसके महत्त्व को समझने के...

शिक्षा से स्त्री सशक्तिकरण का मार्ग दिखाने वाली सावित्रीबाई फुले

विश्व के हर समाज में चेतना और जड़ता का चक्र अनवरत चलता रहता है| चेतना के उत्कर्ष के काल में समाज प्रगति करता है| समाज के सभी व्यक्ति सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और अध्यात्मिक रूप से विकास करते ह...

पराक्रम के 50 वर्ष

भारतीय सेना ने यूं तो पाकिस्तान को कई बार धूल चटाये हैं चाहे 1947 हो,1965 हो, 1971 हो या  1999 का कारगिल युद्ध। हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी परंतु पाकिस्तान है कि अपने नापाक इरादे से बाज नहीं...

भारत के समग्र विकास को समर्पित डॉ.भीमराव राम जी अम्बेडकर

डॉ अम्बेडकर  जिनको दलितों का मसीहा कहा जाता हैं क्या वास्तव में वो सिर्फ दलित समाज के ही नेता थे? इसका विश्लेषण करने की आवश्यकता है। अम्बेडकर के चिंतन को पढ़ने पर ज्ञात होता है,  उन्होंने मात्र  वंचित...

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