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श्रीअन्न के उत्पादन में भारत की वैश्विक नेतृत्वकारी भूमिका के लिए युवा आएं आगे: कृषि राज्यमंत्री

छात्रशक्ति डेस्क

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाले आयाम एग्रीविजन के ‘स्वावलंबी कृषि-आत्मनिर्भर भारत’ थीम आधारित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुक्रवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद परिसर में उद्घाटन केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी , अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, उप महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान), आईसीएआर डॉ जयकृष्ण जेना, रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ए के सिंह, एग्रीविजन के राष्ट्रीय संयोजक शुभम सिंह पटेल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

दो दिन तक चलने वाले एग्रीविजन के इस सातवें राष्ट्रीय सम्मेलन में सतत् विकास, कृषि उद्यमिता, कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हेतु नए प्रयोग, स्वावलंबी कृषि-विश्व गुरु भारत, वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन आदि विषयों पर कृषि विशेषज्ञों,कृषि वैज्ञानिकों द्वारा चर्चा हो रही है। साथ ही ‘स्वावलंबी कृषि-आत्मनिर्भर भारत’ तथा अन्य संबद्ध विषयों पर विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के शोधार्थी अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत कर रहे हैं ‌।

एग्रीविजन के राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि  एग्रीविजन ने कृषि क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के लिए संवाद का सार्थक मंच तैयार किया है। आज देश को शुद्ध आहार उपलब्ध कराने और भारत को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास हो रहे हैं। कृषि क्षेत्र के छात्रों तथा शोधार्थियों को सरकार द्वारा चालू की गई स्टार्ट अप योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हो रहे हैं। श्रीअन्न के उत्पादन में भारत विश्व का नेतृत्व करे, ऐसी स्थिति हम सभी को मिलकर उत्पन्न करनी होगी। कृषि क्षेत्र में नई आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार सृजन की दिशा में हमें मिलकर सोचना होगा।

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कृषि क्षेत्र में अनुसंधान से युवाओं को दक्ष करने की आवश्यकता: आशीष चौहान 

अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान ने कहा कि भारत का कृषि क्षेत्र अत्यन्त व्यापक तथा विविध है। कृषि क्षेत्र में अनुसंधान द्वारा इस क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर तलाशने होंगे तथा युवाओं को कौशल सक्षम बनाना होगा। बीते वर्षों में कृषि क्षेत्र व कृषि क्षेत्र से सम्बद्ध विषयों में महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ी है ।‌ आज कृषि विश्वविद्यालयों को यह प्रयास करने चाहिए कि कृषि छात्र को कृषि उद्यमों से जुड़ी इंटर्नशिप तथा फ़ील्ड वर्क से जुड़े कार्यों में पढ़ाई के दौरान ही संलग्न किया जाए जिससे ये छात्र भविष्य में बेहतर कर सकें।

अभाविप के आयाम एग्रीविजन के राष्ट्रीय संयोजक शुभम सिंह पटेल ने कहा कि एग्रीविजन के राष्ट्रीय सम्मेलन द्वारा प्रतिवर्ष कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर सारगर्भित चर्चा होती है। अभाविप का आयाम एग्रीविजन छात्रों एवं कृषकों के मध्य कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर प्रभावी एवं सकारात्मक संवाद के द्वारा परिवर्तनकारी परिणाम के लिए सतत कार्यरत है। इसी क्रम में इस वर्ष का यह राष्ट्रीय सम्मेलन भी देश में कृषि एवं उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विचारणीय एवं प्रभावी विचार लेकर आएगा।

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