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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक स्वागतयोग्य, पूरे देश में लागू हो समान नागरिक संहिता: अभाविप

छात्रशक्ति डेस्क

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तराखंड राज्य में व्यापक विमर्श के बाद लाए गए समान नागरिक संहिता विधेयक का अभिनंदन करती है। यह विधेयक सुनिश्चित करेगा कि उत्तराधिकार, विवाह, संपत्ति के अधिकार आदि संबंधी नियम समान होंगे। समान नागरिक संहिता के पथ पर अग्रसर होने हेतु उत्तराखंड के नागरिक समाज का हार्दिक अभिनन्दन तथा शुभकामनाएं। यह बहुप्रतीक्षित निर्णय देश को सकारात्मक दिशा दिखाने वाला है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अपने विभिन्न प्रस्तावों तथा छात्रा-छात्रों से विभिन्न माध्यमों से चर्चा के उपरांत यह मत प्रकट करती रही है कि देश में संविधान के अनुरूप समान नागरिक संहिता लागू की जाए। उत्तराखंड सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया है, अभाविप की मॉंग है कि सम्पूर्ण देश में समान नागरिक संहिता लागू की जाए।

भारत के विविधतापूर्ण समाज में समान नागरिक संहिता लागू होने से समतामूलक तथा सह-अस्तित्व की भावना और अधिक मजबूत होगी, ऐसे में यह अत्यंत आवश्यक तथा महत्वपूर्ण है कि समान नागरिक संहिता पूरे देश में लागू करने के लिए प्रयास तेज हों। भारतीय समाज, स्वतंत्रता तथा समानता के आदर्श से प्रेरित हो निरंतर गतिशील है। समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने जो एक दिशा दिखाई है, वह ‘एक देश, एक कानून’ की आवश्यकता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लेखित है कि राज्य, पूरे देश में एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। आज देश अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण कर‌ चुका है तथा विभिन्न ऐतिहासिक परिवर्तनों का साक्षी रहा है। अभाविप आशान्वित है कि ऐसे प्रयास सम्पूर्ण भारतीय नागरिक समाज की एकसूत्रता की एक नई मजबूत दिशा देंगे।

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