e-Magazine

#ParishadkiPathshala : कोरोनाकाल में विद्यालयीन छात्रों की भविष्य को संवारने में लगे हैं अभाविप कार्यकर्ता

अजीत कुमार सिंह

जयपुर। कोरोनाकाल में बंद पड़े महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के लिए सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन ने ऑनलाइन शिक्षा का प्रावधान किया है लेकिन साधनहीन विद्यालय के छात्र, जिनके पास न एंड्राइड मोबाईल और न ही ऑनलाइन की कोई सुविधा, वैसे विद्यालयीन छात्रों के भविष्य को देखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने देश भर में परिषद की पाठशाला शुरू की है। इस अभियान के तहत बुधवार को अभाविप, जयपुर के कार्यकर्ताओं ने बस्तियों में जाकर स्कूली छात्रों के लिए पाठशाला लगाई और बच्चों को पढ़ाया एवं उनके बीच कलम और कापीयां भी वितरीत की। जयपुर के बस्तियों में रहने वाले छात्रों के लिए यह पल किसी आश्चर्य से कम नहीं था।

कलम एवं कॉपी वितरीत करते अभाविप कार्यकर्ता
कलम एवं कॉपी वितरीत करते अभाविप कार्यकर्ता

आमजन बताते हैं कि शहर के बड़े – बड़े महाविद्यालय / विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का समूह अपनी चिंता किये बगैर शहर के अलग – अलग हिस्सों में जाकर साधनहीन बस्तियों के बच्चों के बीच पाठशाला लगाकर उनके भविष्य को संवार रहे हैं। समूह में शामिल ज्यादातर छात्रों को देखने से लगता है कि वे अच्छे घर से संबंध रखते हैं। इस महामारी में लोग जहां अपने घरों से बाहर निकलने में कतराते हैं वैसे में अभाविप के कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पढ़ाने का जो बीड़ा उठाया है, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाय कम है।

वहीं “परिषद की पाठशाला” के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से विद्यालय बंद हैं। कुछ छात्रों ने ऑनलाइन कक्षा माध्यम से पढ़ाई जारी रखी है लेकिन समाज का ऐसा भी वर्ग जो साधनहीन हैं उस वर्ग के छात्र ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं पाते है और न हीं उनके लिए कोई विशेष व्यवस्था है। ऐसे बच्चों के लिए विद्यार्थी परिषद ने प्रतिदिन एक घंटा उनके बस्ती में जाकर परिषद की पाठशाला लगाकर उन्हें पढ़ा रहे हैं ताकि कोई भी छात्र अपनी शिक्षा से वंचित न रह जाय।

READ  राम मंदिर पर फैसले के पहले कुछ लोग बोलते थे खून की नदियां बह जायेगी लेकिन यहां तो एक मच्छर भी नहीं मरा : योगी आदित्यनाथ
×
shares