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मुंबई :  राज्य सरकार के राजनैतिक हस्तक्षेप के कारण कुलपति का इस्तीफा

छात्रशक्ति डेस्क

मुबंई । कवयित्री बहिनाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जलगांव एवं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लोनेर के कुलपति ने इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि महाविकास गठबंधन सरकार और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के राजनैतिक हस्तक्षेप से तंग आकर कुलपति द्वय ने इस्तीफा दिया है। इस्तीफा के बाद शिक्षा जगत के संस्थाओं एवं संगठनों में भारी रोष है। अभाविप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि महाराष्ट्र में शिक्षा के क्षेत्र में यह सरकार आने के बाद महाराष्ट्र में सत्ताधारियों द्वारा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर हथौड़ा मारने और कुलपति के निर्णयों में हस्तक्षेप करने के लिए हाल ही में लिए गए फैसलों के कारण शिक्षा जगत में नाराजगी को देखा जा रहा है जिसके चलते दो कुलपतियों ने इस्तीफा भी दिया है।

राज्य में विश्वविद्यालयों के कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप की बढ़ती आपत्ति को लगातार शिक्षा हलकों में उठाया गया है। विश्वविद्यालय के कार्यों और अनुबंधों के बारे में मंत्रालय से आने वाले सुझावों पर सभी विश्वविद्यालयों में चर्चा की जा रही है। राज्य में दो विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के अचानक इस्तीफा देने के पीछे सरकार का हस्तक्षेप जिम्मेदार है। पिछले कई दिनों से राज्य सरकार विश्वविद्यालय के कामकाज में दखल दे रही है। परीक्षा लेनी चाहिए या नहीं? आपातकाल के मामले में परीक्षा प्रक्रिया क्या होनी चाहिए? जबकि जनता दरबार विश्वविद्यालय के पैसों पर आयोजित किया जा रहा है, मुंबई विश्वविद्यालय और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव की नियुक्ति में हस्तक्षेप और न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को सुनाया भी गया, अभाविप कोंकण प्रदेश के मंत्री प्रेरणा पवार ने कहा है कि शिक्षा क्षेत्र के लिए कुलपतियों का इस्तीफा देना दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि यह विश्वविद्यालयों के कामकाज में राजनैतिक रूप से प्रेरित हस्तक्षेप से तंग आ कर दिया गया है। उन्होंने सभी शिक्षा विशेषज्ञों से इसके खिलाफ एकजुट होने की भी अपील की।

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