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अभाविप के प्रयास का दिखा असर, यूजीसी ने बढ़ाई शोध प्रबंध(थीसीस) जमा करने की समय सीमा

छात्रशक्ति डेस्क

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पहल पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission (UGC) ने एमफिल और पीएचडी छात्रों को बड़ी राहत दी है। बुधवार एक दिसंबर, 2021 को जारी अधिसूचना के अनुसार एमफिल और पीएचडी छात्रों द्वारा थीसिस जमा करने के लिए समय सीमा बढ़ा दी गई है। अभ्यर्थियों को इसके लिए अब छः महीने का और समय दिया गया है। 16 मार्च, 2021 के क्रम में और शोधार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए 31.12.2021 से आगे छः महीने का विस्तार यानी 30 जून 2022 तक एमफिल पीएचडी द्वारा थीसिस छात्रों को विश्वविद्यालयों द्वारा दिया जा सकता है। बता दें कि नौ फरवरी 2021 को शोधार्थियों को शोध पत्र जमा करने की सीमा एक वर्ष बढ़ाये जाने की मांग की थी।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) के द्वारा जारी अधिसूचना पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि शोधार्थियों के हित उठाई गई अभाविप की मांग पर यूजीसी द्वारा अंतिम वर्ष के शोधार्थियों को कोरोना काल में उत्पन्न हुई विशेष परिस्थिति के कारण शोध प्रबंध जमा करने के लिए छः महीने का अतिरिक्त समय दिए जाने का निर्णय स्वागत योग्य है। अभाविप ने फरवरी माह में यूजीसी को पत्र लिख कर अवधि को एक वर्ष बढ़ाने की मांग की थी, जिसपर यूजीसी ने छः  माह की अवधि बढाई थी। बढ़ी हुई अवधि के समाप्त होने से पहले की अभाविप ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति के माध्यम से यूजीसी से छात्रों को पुनः छः माह देने की मांग की थी, जिसके परिणाम स्वरूप यूजीसी ने छात्रों के हित में निर्णय लिया है।

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अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी द्वारा समय सीमा बढ़ाने को लेकर लिया गया निर्णय स्वागतयोग्य तथा शोधार्थियों को राहत देने वाला है। कोरोनाकाल में उत्पन्न हुई विषम परिस्तिथियों में छात्रों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। देश भर के शोधार्थियों को इस निर्णय से राहत मिलेगी एवं शोध को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का समय मिलेगा।

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