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यूजीसी द्वारा अध्येतावृत्तियों में बढ़ोतरी के निर्णय का अभाविप ने किया अभिनंदन

छात्रशक्ति डेस्क

नवाचार और शोध को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने उच्च शिक्षा संस्थानों के शोधकर्ताओं को फेलोशिप के रूप में मिलने वाली की मासिक राशि बढ़ा दी है। यूजीसी के मुताबिक बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी 2023 से मान्य है। यूजीसी के नए नियमों के अनुसार कनिष्ठ शोध अध्येता(जेआरएफ) को अध्येतावृत्ति के तौर पर जहां पहले 31,000 रुपए मासिक दिए जाते थे, उसे अब बढ़ाकर 37,000 महीना कर दिया गया है। इसी तरह से वरिष्ठ शोध अध्येता को 35,000 रुपए मिलती थी उसे बढ़ाकर 42,000 कर दिया गया है। यूजीसी का कहना है कि रिसर्च एसोसिएट की फेलोशिप की राशि 47,000 प्रति माह से बढ़ाकर 58,000 कर दी गई है। जबकि, रिसर्च एसोसिएट ग्रेड 2 की फेलोशिप 49,000 से बढ़ाकर 61,000 कर दी गई है। इसी तरह रिसर्च एसोसिएट लेवल 3 की फेलोशिप, मासिक 54,000 से बढ़कर 67,000 रुपए कर दी गई है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग  द्वारा कनिष्ठ/वरिष्ठ शोध अध्येताओं व रिसर्च एसोसिएट की अध्येतावृत्ति में बढ़ोतरी के निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्वागत किया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जब विज्ञान के विषयों के लिए अध्येतावृत्तियों में बढ़ोतरी हुई थी, उसी समय यूजीसी से यह मांग की थी कि सभी अध्येतावृत्तियों में बढ़ोतरी की जाए।

गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए शीघ्रता से हों प्रयास : याज्ञवल्क्य शुक्ल

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यह मांग की है कि नॉन-नेट फेलोशिप की राशि में बढ़ोतरी की जाए। अभाविप का कहना है कि एक लम्बे समय से नॉन-नेट फेलोशिप की राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिसके कारण नॉट-नेट फेलोशिप पाने वाले शोधार्थियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि शोधार्थियों की अध्येतावृत्तियों में बढ़ोतरी स्वागतयोग्य कदम है, भारतीय विश्वविद्यालयों में शोध क्षेत्र में सुधार के लिए विभिन्न कदम उठाए जाने होंगे। विद्यार्थी परिषद यह आशा करती है कि शोध के दिशा में नवाचारों की के लिए सरकार विभिन्न कदम उठायेगी तथा शोधार्थियों के लिए विभिन्न संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

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