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मेरे डीएनए में केवल और केवल भारतीयता है: मनोज जोशी

सूरत में आयोजित हुआ अभाविप का ‘नागरिक सत्कार कार्यक्रम’, अभिनेता मनोज जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
छात्रशक्ति डेस्क

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सूरत में 07-09 जून 2024 आयोजित हो‌ने जा रही राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के पूर्व, हीरा नगरी सूरत में ‘नागरिक सत्कार कार्यक्रम’ आयोजित हुआ, इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी, अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजशरण शाही, राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल, आयोजन की स्वागत समिति के अध्यक्ष लवजीभाई डालिया (बादशाह), स्वागत समिति के मंत्री दिनेशभाई राजपुरोहित, अभाविप गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मणभाई भूतडिया, अभाविप गुजरात प्रदेश मंत्री समर्थ भट्ट उपस्थित रहे। साथ ही इस कार्यक्रम में सूरत के कई गणमान्य नागरिक, व्यवसायी भी शामिल हुए। कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुजरात की लोक संस्कृति के दर्शन हुए।

‘नागरिक सत्कार कार्यक्रम’ के दौरान अभिनेता मनोज जोशी ने कहा कि मेरी शिक्षा व संगोपन संघ में हुआ है, मेरे डीएनए में केवल और केवल भारतीयता है। आज 06 जून को शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का 350 वां वर्ष पूर्ण हुआ है, यह अवसर हम भारतीयों के लिए विशेष है। शिवाजी महाराज ने शून्य से शुरू कर अपना विश्व‌ निर्माण किया तथा उस समय देश में नई ऊर्जा भरी। भारत के मन, संस्कृति, तत्त्वज्ञान को विस्तार मिले तो इसलिए विद्यार्थी परिषद जैसे संगठन की स्थापना होती है। यदि राष्ट्र का निर्माण करना है तो नागरिकों में ज्ञान, शील, एकता के गुण होना चाहिए, विद्यार्थी परिषद का तो यह ध्येय वाक्य है। जब जेएनयू में टुकड़े-टुकड़े गैंग गलत करने पर आमादा हुई तो उनका विद्यार्थी परिषद ने प्रतिकार किया। विद्यार्थी परिषद की ध्येय यात्रा कभी अपने पथ से डिगी नहीं। एक समय अपनी मातृभाषाओं से हमें काटा गया, भारतीय मूल्यों के प्रति हीनभावना रखी गई। मातृभाषा से किसी का अहित नहीं होता, मातृभाषा को‌ भूलने से हम अपनी संस्कृति और अपनी मिट्टी को भूल‌ जाते हैं। मातृभाषा को अपनी जीवनशैली व्यवहार में लाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

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अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने देश के शिक्षा क्षेत्र को एक नई दिशा दिखाई है, देश के क्षेत्र में वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुरूप तेजी से विकास करने की आवश्यकता है। विद्यार्थी परिषद की यात्रा अपने 75 वें वर्ष में है। यह यात्रा देश के हजारों युवाओं को प्रेरणा देने वाली तथा उन्हें जीवन में एक नई दिशा दिखाने वाली रही है। छात्र दिनों में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे लोग आज समाज जीवन में अनेक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

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