e-Magazine

अभाविप के लिए संकटकाल में सेवा ही देशभक्ति

कोरोना जैसे महामारी के संकटकाल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता न केवल देशभर में सेनिटाइजर, मास्क, भोजन ही बांट रहे हैं बल्कि इससे लड़ने के लिए स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं की फौज भी खड़ी की जो सरकार के साथ कदम मिलाकर चलने को तैयार है।
श्रीनिवास

आज भारत सहित पूरी दुनिया कोरोना विषाणु की महामारी से लड़ रही है। यह अभी भी एक रहस्य है कि यह विषाणु  प्रकृति उत्पन्न है या मानव की विकृत सोच का परिणाम। जो भी हो लेकिन संकट तो पूरी मानवता के सामने आ गया है। सम्भवतः यह मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी है जिसके सामने सब कुछ बेबस है। पूरी दुनिया का विज्ञान भी हथियार डाल चुका है। महामारी के प्रकोप का व्याप बहुत भयंकर होने के कारण सर्वत्र एक भय का वातावरण बना हुआ है। इस महामारी से एकजुट होकर जूझने के अलावा कोई उपाय भी नजर नही आ रहा।

दुनिया के अनेक देशों से होता हुआ यह विषाणु भारत में भी प्रवेश कर चुका है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने आसन्न संकट का सही मूल्यांकन करते हुए एक दूरद्रष्टा नेतृत्व का परिचय देकर पूरे देश को महामारी से लड़ने के लिये एकजुट किया है। ऐसे समय में ऐसा करिश्माई नेतृत्व ही समाज मे विश्वास जगा सकता है। सरकार सहित अन्य सभी संगठन इस समय युद्ध – स्तर पर इस संकट की घड़ी में अपनी भूमिका सक्रिय रूप से निभा रहे हैं। जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर जनता कर्फ्यू अभूतपूर्व हुआ,जिसने एक प्रकार से समाज को संकट से लड़ने को तैयार किया। परिस्थितियों को देखते हुय सम्पूर्ण राष्ट्र में अघोषित कर्फ्यू यानी 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया गया।

भारत जैसे देश में अचानक यह सब सहज सम्भव नही है, फिर भी सर्व साधारण समाज ने अधिकतर स्थानों पर इसको स्वीकार किया। आज देश दो मोर्चों पर लड़ रहा है एक – कोरोना विषाणु से जन की रक्षा करना, जिसके लिये सोशल डिस्टेंसिंग ही एक मात्र उपाय है वहीं दूसरी ओर करोड़ो गरीब लोगों के पेट के लिए रोटी की लड़ाई। अचानक हुए इस घटनाक्रम में लोग जहां – तहां फंस गए हैं। गरीब, मजदूर वर्ग,  अन्य राज्यो में काम करने वाला मध्यम वर्ग, देश के अलग -अलग हिस्सों में पढ़ने वाले छात्र समुदाय सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

READ  #DUSUElection2019 : दिल्ली विश्वविद्यालय में फिर से लहराया भगवा

ऐसे समय में भारत का सबसे बड़ा एवं संवेदनशील छात्र संगठन अपने आज के नागरिक की भूमिका से कैसे दूर हो सकता है। अतः विद्यार्थी परिषद् में तुरंत देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय किया। सबसे बड़ी चुनौती ऐसे समय मे सवेंदनशील मुद्दों को नकारात्मक विचारों से बचाने की होती है। इसलिए परिषद् ने अपने लाखों कार्यकर्ताओं को समाज के सहयोग के लिए मैदान में उतार दिया।

विद्यार्थी परिषद ने तुरंत देशभर में अपने हेल्पलाइन नम्बर जारी किये, जिसके माध्यम से हजारों  छात्र – छात्राएं अपनी समस्याओं के समाधान हेतु सम्पर्क कर लाभान्वित हो रहे हैं। यह अभियान विशेषकर पूर्वोत्तर भारत के छात्रों के लिये बहुत उपयोगी भी सिद्ध हुआ है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(ABVP) ने गत दिनों देशभर में सभी लोगों के सहयोग का व्यापक अभियान चलाया है। पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यो में स्थानीय समाज एवं छात्रो के लिये अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम एवं मिजोरम में परिषद कार्यकर्ताओ ने भोजन, मास्क, सेनिटाइजर, जागरूकता कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर किया। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लगातार मदद कर रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका नकारात्मक प्रचार को रोकना है। साथ ही देशभर में रहने वाले पूर्वोत्तर भारत के छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि वे जहाँ भी हैं, परिषद कार्यकर्ता वहीं उनको सभी प्रकार की मदद करेंगे। परिषद् का यह अभियान बड़ी मात्रा में पलायन रोकने में सफल हुआ है।

मिजोरम के दो छात्रो को म्यांमार की सीमा से भारत लाना हो या तेलंगाना के सुदूर अंचल में फंसी दिल्ली की छात्रा को सकुशल हैदराबाद लाना हो, परिषद लगातार अपनी भूमिका निभा रही है। NEHU, NIT मेघालय,NIFT शिलांग, NEIAH, कृषि संस्थान में फंसे छात्रों को मदद के लिये भोजन सहित सभी प्रकार की व्यवस्थाओं का प्रबंध करवाया गया। ये देशभर के छात्र लॉकडाउन के कारण छात्रवासों में फंसे हैं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आह्वान पर 2500 से अधिक युवा स्वयंसेवक के रूप में सेवा करने के लिये अपना पंजीयन करवा चुके है। देशभर में जिला  प्रशासन के साथ मिलकर यही सूची दी जा रही है एवं उनको प्रशिक्षण के बाद सेवा कार्य के लिये तैयार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह संख्या बहुत बड़ी मात्रा में बढ़ने वाला है। परिषद अब समाज के सम्बल के लिये युवाओ को तैयार कर रही है।

अभाविप कार्यकर्ता देशभर में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार प्रशासन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व सेवा भारती के साथ मिलकर मास्क, सेनिटाइजर एवं भोजन-वितरण कार्य में जुटे हैं । मध्यप्रदेश, राजस्थान,झारखंड,छतीसगढ, महाराष्ट्र,उत्तरप्रदेश,पंजाब,तेलंगाना,आंध्र प्रदेश,केरल, कर्नाटक, हरियाणा,तमिलनाडु,बिहार,दिल्ली सहित सभी प्रान्तों में प्रशासन के सहयोग के लिये अपने कार्यकर्ताओं की सूचियां भी दे रहा है।

परिषद सभी जगहों पर मकान मालिकों से,विशेषकर जहाँ छात्र रहते हैं उनसे यह निवेदन भी कर रहा है कि वे छात्रों को किराए में छूट प्रदान करें। परिषद के आयाम मेडिविजन के माध्यम से अनेक प्रान्तों में स्थानीय डॉक्टर्स की मदद से चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जा रही है। दिल्ली में परिषद के नेतृत्व में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ विद्यार्थियों के लिये स्वयं ही ऑनलाइन क्लास प्रारंभ कर रहा है।

READ  #UnsungFreedomfighter : Tara Rani Srivastava

देश के अलग-अलग हिस्सों में परिषद ने ऑनलाइन कक्षाओं के लिये शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर कार्य-योजना तैयार की है, साथ ही हर राज्य में अलग-अलग विषयो के छात्र-छात्राओ की पढ़ाई, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये गूगल लिंक के माध्यम से शिक्षकों की सूची भी जारी करने का निर्णय लिया है ताकि छात्र उनसे सहायता ले सकें। परिषद ने कई प्रान्तों में प्रतियोगी छात्रो के लिये ऑनलाइन कक्षाएं भी शुरू की है। साथ ही सभी नागरिकों के लिये अनेक प्रान्तों में मेडिविजन के माध्यम से डॉक्टर्स की सूची भी जारी की है जिनसे किसी  भी एमरजेंसी में कोई भी नागरिक निशुल्क सहायता ले सकता है।

परिषद ने सभी विश्विद्यालयो के कुलपतियों से सम्पर्क करने का निर्णय लिया है ताकि छात्रों के करियर को ध्यान में रखते हुए अभी से वैकल्पिक मार्ग तैयार किये जायें,चाहे वह परीक्षा का विषय हो या कॉपी चेकिंग का हो या फिर नए सत्र में प्रवेश का मुद्दा हो। विद्यार्थी परिषद केंद्र एवं राज्य सरकारों से आगामी समय में छात्र-छात्राओं से फी सहित अन्य शुल्कों में भी राहत देने की मांग कर रही है।

अभाविप वर्तमान परिस्थितियों में एक जागरूक छात्र संगठन के नाते अपनी सक्रिय एवं सजग भूमिका निभाते हुए एक ओर सभी जरूरतमन्दों के लिये सभी आवश्यक प्रबन्ध कर रही है। वहीं दूसरी ओर देश के आंतरिक मनोबल को बनाये रखने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। हमें पूरा विश्वास है कि भारत इस संकट से अपने सनातन मूल्यों “सेवा हि परमो धर्मः” के सिद्धांत के बलबूते विजयी होकर बाहर निकलेगा ।

राष्ट्रभक्ति ले हृदय में हो खड़ा यदि देश सारा,

संकटो पर मात कर यह राष्ट्र विजयी हो हमारा।

 

×
shares