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ब्रज प्रांत :  अपना सुध बिसरा जरूरतमंदों को सहायता पहुंचा रहे हैं अभाविप कार्यकर्ता

एक ओर जहां कोरोना के कहर से लोग घरों में दुबके हैं, पूरी दुनिया में हाहाकार मची है वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ता अपना सुध बिसरा कर लगातार जरूरतमंदों को सहायता पहुंचा रही है। न केवल भोजन पैकेट वितरित कर रहे हैं बल्कि लोगों की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें हर संभव सहायता भी पहुंचा रहे हैं। अभाविप ब्रज प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री जयकरण ने बताया ब्रज प्रांत में संगठनात्मक दृष्टिकोण से 15 जिले हैं और प्रत्येक जिले में सहायता केन्द्र खोले गये हैं। पूरे प्रांत में 400 से अधिक कार्यकर्ता दिन – रात सिर्फ और सिर्फ लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि आगरा, बरेली, मैनपुरी, शिकोहाबाद, बदायूं, मथुरा, अलीगढ़ और टूंडला में सामूहिक रसोई बनाया गया हैं जहां पर रोज अनकों लोगों का भोजन बनता है। प्रशासन के साथ मिलकर हमलोग लगातार वैसे लोगों को भोजन पहुंचाने का काम कर रहे हैं जो भूखे हैं। इसी तरह जिनके पास राशन नहीं हैं उनके घरों में जाकर राशन पुहंचा रहे हैं।

जनता कर्फ्यू के दिन से ही थी तैयारी

प्रांत संगठन मंत्री जयकरण ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अभाविप के द्वारा जनता कर्फ्यू के दिन से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी। जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन से अगले तीन दिन तक हमलोंगों ने समाज से आग्रह कर वस्तु संग्रह करना शुरू कर दिया। अभाविप के आह्वान पर समाज के लोगों का जबरदस्त सहयोग मिला। वस्तु संग्रह करने के पश्चात हमलोगों ने लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए उनके घरों में जरूरत के समान पहुंचाने शुरू कर दिये। मैनपुरी, शिकोहाबाद, मथुरा, आगरा,अलीगढ़ जैसे अनेक स्थानों पर लगातार कार्यकर्ता डटे हुए हैं। श्री जयकरण के मुताबिक लॉकडाउन के बाद जब लोग पैदल अपने गंतव्य स्थानों पर निकल पड़े तो परिषद के द्वारा राहगीरों को यथासंभव मदद किया गया। आगरा विश्वविद्यालय, बरेली विश्वविद्यालय में फंसे पूर्वांचल के छात्रों को हमलोगों ने सुरक्षित उन्हें गंतव्य स्थान तक पहुंचाया।

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छात्रों की रचनात्मकता को दे रहे हैं पंख

लॉकडाउन में पूरा देश जहां ठहर गया है, छात्रों की पढ़ाई – लिखाई ठप हैं वहीं विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता लॉकडाउन रूपी चुनौती को अवसर में बदल रहे हैं। छात्रों से ऑनलाइन रंगोली, पैंटिंग, चित्रकला, आर्टिकल लेखन करवा कर उनकी रचनात्मकता को पंख देने का काम किया जा रहा है। परिषद के मुताबिक विभिन्न श्रेणियों के श्रेष्ठ कलाकारों को सम्मानित कर उन्हें ई – सर्टिफिकेट भी दिया  जा रहा है। जानकारी के मुताबिक विद्यार्थी परिषद की बैठकें भी आजकल ऑनलाइन ही रही है। बता दें कि अभाविप के द्वारा प्रांतस्तर पर आर्टिकल प्रतियोगिता भी करवाया गया था जिसमें 450 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। चयनित लेखों का संग्रह कर ई-बुक निकाला गया जिसका ऑनलाइन लोकार्पण अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने गुरुवार को किया।

हेल्पलाइप पर रोज आती है सैंकड़ों कॉल

लॉकडाउन को देखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा देश भर में हेल्पलाइन नं. जारी किये गये थे। इसी कड़ी में अभाविप ब्रज प्रांत के द्वारा भी जिलावार हेल्पलाइन जारी किये गये। वस्तुतः यह हेल्पलाइन छात्रों के लिए था लेकिन अभाविप का यह हेल्पलाइन लोगों के लिए उम्मीद की लौ बन गई और समान्य लोग भी इस हेल्पलाइन के जरिये लाभान्वित हो रहे हैं। अभाविप प्रकल्प मेडीविजन, जिज्ञासा इत्यादि के जरिये हौम्योपैथ, एलौपैथ इत्यादि के डॉक्टरों के नं. भी जारी किये गये। लोग लगातार इन डॉक्टरों से फोन पर बात कर अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंता का समाधान कर रहे हैं। अभाविप के प्रदेश सहमंत्री आदर्श गुप्ता की मानें तो यह सेवा आगे भी जारी रहेगा, जब तक लॉकडाउन हैं। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता दिन – रात अपनी चिंता किये बगैर सेवा कार्य में लगा हुआ है। वहीं मीडिया संयोजक शिवम जैन ने बताया कि अभाविप के हेल्पलाइन पर रोज सैंकड़ों कॉल आते हैं और अभाविप कार्यकर्ता उनकी समस्याओं को समाधान भी करती है। इस हेल्पलाइन में छात्रों से ज्यादा समान्य लोगों का फोन आता है, उन्हें परिषद के कार्यकर्ताओं में एक उम्मीद दिखती है।

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