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अंतिम वर्ष के छात्रो की परीक्षाएं छात्र हित में, स्वरूप व अंतराल बढ़ाने के पर्याय पर हो विचार : अभाविप

अजीत

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(अभाविप) ने महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों के परीक्षा व मूल्यांकन संबंधित प्रश्नों को लेकर शैक्षिक समुदाय एवं अभिभावकों से विभिन्न प्रदेश सरकारों द्वारा त्वरित समाधान स्वरूप लिये जा रहे निर्णयों के दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संज्ञान में लेकर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।

वैश्विक स्तर पर सामाजिक जीवन कोरोना वायरस संक्रमण से उत्पन्न अप्रत्याशित परिस्थिति में न केवल शिक्षा अपितु समाज के प्रत्येक क्षेत्र में जनजीवन में चले आ रहे ढर्रे से कहीं अलग व्यवस्थाओं को बनाने पर बाध्य है। शिक्षा प्रदान किये जाने से लेकर मूल्यांकन तक की नयी एवं वैविध्यपूर्ण प्रक्रियाओं के विषय में विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं में गहन मंथन चला है। शिक्षा के क्षेत्र में भी गुणवत्ता, विद्यार्थियों को प्रदान की जाने वाली पदवी के मानक, आगामी भविष्य में उच्च शिक्षा में प्रवेश तथा रोजगार के क्षेत्र में त्वरित राहत मात्र पहुंचाने के उद्देश्य से सामान्य प्रोन्नति के किसी भी फैसले का दूरगामी दुष्परिणाम होगा।

विद्यार्थियों के प्रत्यक्ष सम्पर्क में आये बिना खुली पुस्तक परीक्षा, प्रोजेक्ट कार्य, लेख, ऑनलाइन अथवा दूरभाष द्वारा मौखिक परीक्षा (viva-voce) आदि प्रयोग, जिनका उल्लेख 27 अप्रैल को पारित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों में आया है अथवा जहां मूल्याँकन की विभिन्न पद्धतियों द्वारा आँकलन सम्भव नहीं वहाँ परीक्षाओं को टाल देना ही विद्यार्थियों एवं शिक्षा के स्तर हेतु श्रेष्ठ है। इस हेतु आगामी सत्र की अवधि सहित पाठ्यक्रम को भी कम करने का निर्णय लिया जा सकता है।

अभाविप की राष्ट्रीय महामन्त्री, सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा, “शिक्षा के व्यापक लक्ष्यों एवं विद्यार्थियों को पदवी दिये जाने के विषय में गुणवत्ता एवं विद्यार्थी के भविष्य का ध्यान रखकर ही निर्णय लेना चाहिये। NEET एवं JEE प्रवेश परीक्षा सम्बन्धी निर्णय से आगामी सत्र नवम्बर 2020 में प्रारम्भ होगा इसी अनुरूप महाविद्यालयों को कोरोना जनित परिस्थितियों के सामान्य होने के पश्चात ही सुस्पष्ट पद्धति से मूल्यांकन कर ही आगे की दिशा में देखना होगा।
अभाविप आगामी दिनों में भी विद्यार्थियों में प्रवेश सम्बन्धी उठने वाले प्रश्नो के प्रति पूर्णतः सजग एवं विद्यार्थी सेवा में “ठीक करेंगे तीन काम प्रवेश, परीक्षा और परिणाम” हेतु दृढसंकल्पित है।”

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