e-Magazine

अभाविप की दो दिवसीय केंद्रीय कार्य समिति की बैठक ओड़िशा के राउरकेला में प्रारंभ

छात्रशक्ति डेस्क

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दो दिवसीय केंद्रीय कार्य समिति बैठक 6 अगस्त को ओड़िशा के राउरकेला में आरंभ हुई। केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो छगनभाई पटेल, राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान द्वारा किया गया। इस बैठक में देश भर से 66 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस बैठक में अभाविप सभी प्रांतों में अपने कार्य की समीक्षा करेगी तथा आगामी कार्यों की योजना भी तैयार की जाएगी। देश भर में अभाविप के अभियानों और आंदोलनों की समीक्षा भी इस बैठक में की जाएगी।

अपने उद्घाटन भाषण के दौरान, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो छगनभाई पटेल ने देश के वर्तमान परिदृश्य को इंगित करते हुए कहा कि, “स्टील सिटी और स्मार्ट सिटी राउरकेला में अभाविप की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का प्रथम जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में चयन लोकतंत्र को मज़बूत करने वाला है। पड़ोसी देश श्रीलंका में आर्थिक संकट, म्यांमार में लोकतंत्र की हत्या, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की जर्जर स्तिथि को देख कर वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्तिथि आशान्वित करने वाली लगती है। अभाविप का कार्यकर्ता देश भर में स्वराज्य के इस अमृत वर्ष की अच्छी पूर्णाहुति करने एवं स्वराज्य 75 के बाद अभाविप 75 को सार्थक करने के लिए प्रयासरत है। 9 जुलाई से प्रारम्भ  कर 1 करोड़ के लक्ष्य का वृक्षारोपण अभियान देश भर में ज़ोर शोर से चल रहा है। अभाविप 75 के निमित्त देश में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने विस्तारक के रूप में कार्य करने का संकल्प लिया है। देश में वैचारिक साहित्य निर्माण करने की भी आवश्यकता है।

READ  #JusticeForLavanya : राष्ट्रीय महामंत्री समेत 33 कार्यकर्ता 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में, अभाविप ने कहा अराजक हो गई है तमिलनाडु सरकार

देश के शैक्षिक परिदृश्य को इंगित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा, “कैम्पस में शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए विद्यार्थी परिषद ने करोना की परिस्तिथि के बाद से ही ऑनलाइन शिक्षा के विरुद्ध आंदोलन किए जिसके परिणाम स्वरूप परिसर  आज खुल गए हैं। सर्व सुलभ शिक्षा के संकल्प को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बढ़े हुए शुल्क के विरोध में अभाविप आंदोलन कर रही है। शिक्षा जगत को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए राजस्थान में विभिन्न विश्वविद्यालय में आंदोलन चल रहे हैं जिनके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। मोहनलाल सुखाड़िया राज्य विश्वविद्यालय उदयपुर में भ्रष्ट कुलपति का निष्कासन छात्र समुदाय की विजय है। CUET के लिए अभाविप ने क्रैश कोर्स का आयोजन किया ताकि छात्रों को सुगमता हो सके। एन टी ए के द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बढ़ी अनियमितता चिंताजनक है। नेट की परीक्षा से लेकर CUET की परीक्षाओं की तिथियों को जल्द ठीक करने की माँग अभाविप करती है। पंजाब के सांसद द्वारा भगत सिंह जी का अपमान, आंध्र प्रदेश के स्कूलों की ख़राब स्तिथि, ओड़िशा में महिला सुरक्षा की चिंताजनक परिस्तिथि, पश्चिम बंगाल में SSC परीक्षा घोटाला जैसे विषयों के विरुद्ध अभाविप आंदोलनरत हैं”

×
shares