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देश के हर जिले में खुले मेडिकल महाविद्यालय: अभाविप

छात्रशक्ति डेस्क

बीते वर्षों में विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों में बड़ी संख्या मेडिकल छात्रों की रही है, ऐसे में वर्ष 2014 की तुलना में अब देश के मेडिकल क्षेत्र के आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में प्रगति के साथ मेडिकल सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्वागत किया है साथ ही  देश के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र का व्यापक विस्तार किए जाने की दिशा में शीघ्रता से प्रयास किए जाने की मांग की है।अभाविप ने कहा है कि वर्तमान में मेडिकल क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जाने नितांत आवश्यक हैं।

देश की जनसंख्या के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तथा सुलभ चिकित्सा उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसे में चिकित्सा क्षेत्र में केन्द्र तथा राज्य सरकारों से जो अपेक्षाएं हैं,उस दिशा में शीघ्रता से काम करने होंगे। नए मेडिकल महाविद्यालयों की स्थापना , स्नातक व स्नातकोत्तर दोनों स्तर की मेडिकल शिक्षा में सीटों की बढ़ोतरी आदि से देश की शिक्षा में व्यापक परिवर्तन होने चाहिए।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि देश में मेडिकल शिक्षा क्षेत्र का वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुसार व्यापक विस्तार होना चाहिए। नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना, नए नर्सिंग महाविद्यालयों को खोलने की घोषणा, देश में नए मेडिकल महाविद्यालयों की स्थापना आदि से चिकित्सा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आने की दिशा खुली है । यह बदलाव स्वागत योग्य है, अभाविप मांग करती है कि मेडिकल शिक्षा प्राप्त करना आम भारतीय के लिए आर्थिक पक्ष से आसान हो सके, इसलिए प्रयास किए जाएं।

अभाविप के मेडिविजन आयाम के राष्ट्रीय संयोजक अभिनंदन बोकरिया ने कहा कि विदेश जाकर मेडिकल शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्रों की एक बड़ी संख्या है, वर्तमान में देश में एमबीबीएस सीटें 1,01,043 हो गई हैं तथा मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी है, यह अभिनंदनीय है। अभाविप मांग करती है कि देश में जिला स्तर पर एक मेडिकल महाविद्यालय हो तथा देश की आवश्यकता अनुरूप मेडिकल शिक्षा का विस्तार हो।

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