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जेएनयू में आयोजित अभाविप छात्रा कार्यशाला में वर्तमान परिदृश्य, महिला विमर्श पर मंथन

छात्रशक्ति डेस्क

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा दिल्ली के विभिन्न महाविद्यालयों की छात्राओं में नेतृत्व कौशल प्रदान करने के लिए 11 जून, 2022 यानी शनिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में एक दिवसीय छात्रा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रांत भर से लगभग सवा सौ छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यशाला का शुभारंभ अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी एवं राष्ट्रीय छात्रा कार्य प्रमुख मनु शर्मा कटारिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।  कार्यशाला के दौरान विभिन्न महिला-केंद्रित मुद्दों जैसे परिसर में छात्राओं के वर्तमान मुद्दे, महिला-केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे, समाज में महिलाओं की स्थिति और वैदिक नारीवाद पर चर्चा की गई और राज्य भर की सभी छात्राओं के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए।  संवादात्मक सत्र में छात्राओं के बीच उन मुद्दों और समस्याओं के बारे में भी चर्चा की गई जिनके लिए वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यक समाधान खोजा जाना आवश्यक है।

अभाविप दिल्ली प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया शर्मा ने बताया कि इस एक दिवसीय कार्यशाला को चार सत्रों में आयोजित किया गया था। पहला सत्र उद्घाटन एवं प्रास्ताविक का था, द्वितीय सत्र में विभिन्न विषयों को लेकर गटशः चर्चा की गई, तीसरे सत्र में समसामयिक विषयों पर सामूहिक चर्चा का आयोजन किया एवं चौथे एवं अंतिम सत्र में वैदिक काल से लेकर वर्तमान परिदृश्य में भारतीय चिंतन पर विचार – विमर्श किये गये।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए अभाविप राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थी परिषद समाज और महिलाओं के लिए काम कर रही है और इस कार्यशाला जैसे आयोजनों के माध्यम से, परिषद, महिलाओं को सशक्तिकरण के मार्ग पर प्रोत्साहित और नेतृत्व कर रही है। कार्यशाला के माध्यम से हम महिलाओं को प्रबुद्ध करने और उनमें नेतृत्व कौशल जागृत करने का काम कर रहे हैं। समाज में बदलाव लाने के लिए, हमें महिलाओं के रूप में अलग-अलग क्षेत्रों में कदम उठाना होगा और पहल करनी होगी क्योंकि एक व्यक्ति का विकास अंततः पूरे समाज के विकास की ओर ले जाता है। हमारा इतिहास गवाह है  अनेकों महिलाओं ने हमारे देश के विभिन्न आंदोलनों में कदम रखा और योगदान दिया, चाहे वह चिपको आंदोलन हो, स्वतंत्रता की लड़ाई हो या हमारे संविधान के प्रारूपण में उनका प्रतिनिधित्व करना हो। हमारे देश की महिलाएं देश की नींव में प्रमुख भूमिका निभाती रही हैं  और उनके सशक्तिकरण के लिए ऐसे प्रयास करना जारी रखेंगे।

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