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डीयू में अभाविप की बादशाहत बरकरार, एनएसयूआई को मिली करारी हार

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ(डूसू) चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं। अखिल भारतीय विदयार्थी परिषद ने  इस चुनाव में भी अपनी बादशाहत बरकरार रखी है वहीं एनएसयूआई को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जबरदस्त कैंपेन, हाई प्रोफाइल नेताओं के चुनाव प्रचार के बावजूद एनएसयूआई के खाते में मात्र एक सीट गई। उपाध्यक्ष पद पर अभि दहिया ने जीत दर्ज कर एनएसयूआई की लाज रख ली वरना मुकाबला एकतरफा था।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुरूआती रूझान से जो बढ़त बनाई वह अंतिम तक तीनों पदों पर बरकरार रखा वहीं उपाध्यक्ष पद पर अभाविप के सुशांत ने कड़ी टक्कर दी, अंतिम तक कांटे का मुकाबला बना रहा।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चार में से तीन सीटों पर बाजी मार ली है, जिसमें अध्यक्ष पद पर तुषार डेढ़ा, सचिव पद पर अपराजिता और सह-सचिव पद पर सचिन बैसला ने जीत हासिल की है। एनएसयूआई के अभि दहिया ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। अभाविप पैनल से अध्यक्ष पद प्रत्याशी तुषार डेढ़ा ने 3115 वोटों से, सचिव पद प्रत्याशी अपराजिता ने 12937 वोटों से तथा संयुक्त-सचिव पद प्रत्याशी सचिन बैसला ने 9995 वोटों के बड़े अंतर से डूसू चुनाव में जीत दर्ज की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जीत के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों को धन्यवाद दिया है और कहा है कि जिन मुद्दों को हमने घोषणापत्र में उठाए हैं उन्हें जल्द पूरा करने का काम करेंगे।

छात्र हितों के लिए प्रतिबद्ध है विद्यार्थी परिषद : तुषार डेढ़ा

तुषार डेढ़ा

अभाविप पैनल से अध्यक्ष पद पर जीते प्रत्याशी तुषार डेढा ने कहा कि अभाविप द्वारा डीयू में किए गए पिछले कामों एवं परिसर में निरंतर सक्रियता के कारण हमारे पैनल ने यह जीत दर्ज की है। चार वर्षों बाद छात्रसंघ चुनावों का होना और अभाविप का इतने बड़े अंतर से जीत दर्ज करना यह दर्शाता है कि अभाविप हमेशा सभी छात्रों की समस्याओं के निदान हेतु तत्पर रही है।

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अभाविप द्वारा छात्राओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने एवं उसके समाधान के कारण मिली इतनी बड़ी जीत : अपराजिता

अपराजिता

अभाविप पैनल से सचिव पद पर जीती प्रत्याशी अपराजिता ने कहा कि वूमेन कैंडिडेट के रूप में मुझे सबसे ज्यादा अंतर से जीत प्राप्त हुई है और यह दर्शाता है कि अभाविप जो महिला संबंधी मुद्दों को मुखरता से उठा रही है और लगातार परिसर में छात्राओं के लिए कार्य कर रही है यह भारी मतों से जीत उसी का नतीज़ा है। अभाविप डीयू की गर्ल्स स्टूडेंट्स के मुद्दों पर प्रमुखता से कार्य करेगी‌।

अभाविप की यह जीत, आम छात्रों की जीत है : सचिन बैसला

सचिन बैसला

अभाविप पैनल से संयुक्त-सचिव पद पर जीते प्रत्याशी सचिन बैसला ने कहा कि संयुक्त-सचिव के पद पर मुझे भारी अंतर से जीत प्राप्त हुई है, हमनें मनोवैज्ञानिक समस्याओं के निदान हेतु माइंडफुलनेस सेंटर की स्थापना, नए हॉस्टलों का निर्माण तथा अन्य मुद्दों पर जल्द काम करेंगे। अभाविप की जीत आम छात्रों की जीत है, इस जीत से उनके लिए कार्य करने को हमेशा समर्पित रहूंगा।

अराजकता फैलाने वाले संगठनों को डीयू के छात्रों ने दिया करारा जवाब : हर्ष अत्री

पत्रकारों को संबोधित करते अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री हर्ष अत्री, मंचासीन हैं डूसू के नवनिर्वाचित पदाधिकारी एवं अभाविप राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशुतोष सिंह

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दिल्ली के प्रदेश मंत्री हर्ष अत्री ने कहा कि यह चुनाव अभाविप जैसे छात्र संगठन तथा कांग्रेस जैसी राजनैतिक पार्टी से हो रहा था। पूरी कांग्रेस स्टूडेंट्स यूनियन के चुनाव में लग गई थी। फिर भी जीत नहीं हासिल हुई। अभाविप ने कांग्रेस को बुरी तरह से पटकनी दी है, चुनाव के दौरान एनएसयूआई ने काफी हिंसा की है और उसी का जवाब आज उन्हें छात्रों द्वारा मिला है। अभाविप एक जिम्मेदार छात्र संगठन के रूप में विद्यार्थियों के मुद्दों को हमेशा से उठाती आई है। डीयू के स्टूडेंट्स को अभाविप को चुनने के लिए धन्यवाद।

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