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संपादकीय

छात्रशक्ति सितम्बर 2019

श्री अरुण जेटली नहीं रहे। अभाविप का एक कार्यकर्ता, जिसने अभाविप के विभिन्न दायित्वों पर रह कर संगठन को आगे बढ़ाने में योगदान किया हो, स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे कठिन दौर में संगठन का...

छात्रशक्ति अगस्त 2019

एक कुहासा मिट गया है। अनुच्छेद 370 का जो लौह आवरण जम्मू कश्मीर को घेरे था वह अब नहीं रहा। जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, अब यह बार-बार नहीं दोहराना होगा। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है, अब य...

संपादकीय : जून 2019

अभी चुनाव की मतगणना चल ही रही थी कि एक वयोवृद्ध प्राध्यपक का फोन आया। वे मतगणना के रुझान से गदगद थे और अपनी प्रसन्नता को संभाल नहीं पा रहे थे। भावावेश में उन्होंने कहा – भारत ने एक हजार वर्ष बाद अपने...

छात्रशक्ति मई 2019 संपादकीय

देश में चुनाव का वातावरण है। विभिन्न राजनैतिक दल अपनी-अपनी जीत के लिये सारे उपाय आजमा रहे हैं। दौड़ में खुद को आगे निकालने से ज्यादा कोशिश इस बात की है कि प्रतिपक्षी कैसे पीछे रहे। इसके लिये सही-गलत औ...

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